Image by Leo Chane

कोलाहल


विचारों के विकार से मन में उत्त्पन्न होने वाला कोलाहल प्रायः आत्मा को झकझोर कर रख देता है। अंतर्मन में झाकने से भय कि अनुभूति होती है, विरोधात्मक विचार हैवोनो कि भाँति हमें प्रतारणा देतें हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हमारी सूझ-बूझ हमारी ही शत्रु बन गई हो। जिस विचार को समाधान समझ कर अपनाओ वह एक नई उलझन का कारण बन जाता है। उलझनों से त्रस्त आकर, मौन और शांत रहना जब एक आशा लगने लगे, तो वह तूफ़ान के आने के पहले पसरने वाली शान्ति बन जाता है। अहं और नम्र का द्वंद विनय और अमन का विनाश कर देता है। ऐसे में कुछ करना और कुछ न करना दोनों ही संघर्ष को जन्म देता है। एक कभी न ख़तम होने वाला ऐसा संघर्ष जो न केवल दूसरों से होता है, बल्कि स्वयं से भी होता है। एक ऐसी मनोस्थिति जिसमें मौन और वचन दोंनो ही आत्मा को, और बेबस और असहाय बनाते हैं। जीवन में बारंबार ऐसा होगा जब घटनाक्रम हमारे बस के बाहर होंगे और हम यूँही असहाय महसूस करेंगे। ऐसे में जीवात्मा की ज्वाला को केवल एक ही चीज़ शीतलता से सींच सकती है- अनासक्ति। अंतर्मन के कोलाहल पर विराम केवल अनासक्त रह कर ही प्राप्त किया जा सकता है। अब ऐसे में घटनाक्रमों को परिवर्तित करने के लिए खुद को उसमे झोक देना, और स्वयं को और प्रताड़ित करना व्यर्थ सिद्ध होगा। अथक प्रयासों के बाद भी परिस्थ्ति परिवर्तित नहीं होती और हमारे हृदयों में एक व्याकुलता और अकुलाहट उत्त्पन्न करती है। इस व्याकुलता पर विजय प्राप्त करने का मार्ग स्वीकृति से होकर जाता है। स्वीकारना कि कई चीज़े जीवन में हमारे बस में नहीं होतीं और उन्हें ज्यों का त्यों स्वीकार लेना ही हमारे हित में होता है। अपने मन को शांत करने के लिए अनासक्त होने की आवशकता है। अपने और अपनों से आसक्ति का ही परिणाम होती है पीड़ा। ज़रूरत है अपने अन्तर्मन को घटनाक्रमों की मुख्य धारा से पृथक करके जीवन की विशालता को महसूस करना, जिसके आगे यह परिस्थिति एक तिनके के सामान है। इसे ही अनासक्त होना कहते है, जब आप ऐसे क्षणों को जीवन का अंतिम सत्य न मान कर उनकी सूक्षमता को और क्षणस्थायता को समझते हैं।

जीवन बहुत विशाल है और इसकी अनिश्चितता ही इसकी विशेषता है। अनासक्त रहना आपको चारोओर मची उथल-पुथल से प्रभावित नहीं होने देता। जीवन में आसक्ति और अनासक्ति का संतुलन बनाके रखने वाला इंसान अनिश्चतता की दशा में मन में होने वाली हलचल से सदैव दूर रहता है। जो चीज़े हमारे बस के बहार हैं उन्हें उनके वास्तविक स्वरुप में स्वीकारना और संतोष करना की हमसे जितना हो सकता था हमने किया, एक अनमोल मंत्र है। पुरातन काल में आपने सुना होगा कि महान योगी-मुनि कुछ समय समाज में बिताने के बाद, अंतर्मुखी हो जाते थे, और एकांतवास हेतु हिमालय की ओर अग्रसित हो जाते थे। ऐसा करने से उन्हें आत्मबोध होता था और सांसारिक उलझने उन्हें प्रभावित नहीं कर पातीं थीं। आज के युग में ऐसा करना तो शायद ही संभव हो, परन्तु अनिरंतर रूप से तो इस जीवनशैली को अपनाया ही जा सकता है। जब ऐसा लगे कि मानसिक तनाव एक सिमा से अधिक हो रहा है और मन अत्यंत विचलित हो रहा है, तब स्वयं को किसी योगी (मॉन्क) के भाँति अनासक्त कर लेना, और कुछ समय के लिए अंतर्मुखी हो जाना दुविधा और पीड़ा को निष्प्रभाव करने में सहायक होता है।

कहते हैं सभी प्रश्नों के उत्तर हमारे ही भीतर निहित हैं, ज़रुरत है तो भीतर झाँकने की। यह सत्य है कि कई बार हमे आत्मनिरिक्षण करने से भय लगता है, और हम निरंतर इसे टालते ही चले जातें हैं, पर ऐसा न करना हमे अधिक पीड़ा पहुँचता रहेगा। इसीलिए इससे भयभीत होने के बजाय इसको अपनी सबसे सहायक पूंजी की तरह इस्तेमाल कीजिये। जीवन में होने वाला प्रत्येक अनुभव आपके भीतर ही है- सुख या दुःख। अतः जब तक अंतर्मन शांत नहीं होगा, सब कुछ अस्त-व्यस्थ लगेगा। परन्तु जब उसी अंतर्मन को शीतलता मिलेगी, तो वही पुरानी दुनिया नई सी लगने लगेगी।

"विचार ज़रूर कीजियेगा कि कहीं आपकी पीड़ा का कारण सांसारिक घटनाक्रमों से अधिक आसक्ति (अटैचमेंट) तो नहीं है? कुछ क्षण अंतर्मन को अनासक्त (डिटैच) करके देखिये! अन्तर्मुखी होना आपके लिए सुख के द्वार खोल देगा।"

-श्रेयश शर्मा

 

#hindi#writeastorychallenge#storychallenge#storywriting#kavya#padya#hindistory#banaras#varanasi#night#ganga#river#beauty#divine#divinity#love#purelove#widow#life#lifeisbeautiful#stories#storyweek#storychallenge#writeastory#fiction#story#stories#fictional#man#dream#dreams#thoughts#poem#spilledink#society#business#Money#Humanity#social#motivation#selfhelp#selfcare#selflove#selfesteem#story#inspire#inspiration#emotions#love#connection#hopes#story#memory#life#Lifeevents#lifeisbeautiful#storyteller#fiction#childhood#reminiscence#stories#writingg#blog#blogger#summer#summervacations#vacations#grandparents#nananani#cousins#fun#holidays#memories#fading#emotions#cars#house#change#sewai#cupboards#dreams#dreaming#daydream#love#selflove#motivation#keepgoing#hustle#hustling#challenging#yourself#is#the#most#sexiestway#of#implementing#somethings#that#improves#your#own#personality#within#goals#acheivement#dreams#elevated#high#sky#has#no#limit#selflove#selfgrowth#motivation#motivational#inpire#admire#admiration#spirituallove#energyshift#love#connection#hopes#poetry#poem#poetry#poetrycommunity#poetryisnotdead#poetryofinstagram#poetryofig#poetryinmotion#poetygram#poetrysociety#poetrylovers#Poetryslam#poetrycommunityofinstagram#poetryislife#poetryclub#poetrylove#poetrybook#Poetryhive#poetrylovers#poetryoftheday#poetrytribe#poetrybyme#poetrydaily#poetrylife#self#selflove#care#selfcare#motivation#peace#happiness#smile#heart#motivation#success#bebrave#believeinyourself#passion#dreambig#nevergiveup#takechances#explore#growthmindset#goodvibes#takeaction#poetrycommunity#poetsofinstagram#inspire#Inspirationalquotes#meditation#womenempowerment#kindness#peace#yourtimeisnow#lifegoals#lifetransformation#dreamjob#sunrise#ocean#aesthetic#retirecomfortably#helppeoplewin#helppeoplegrow#meaningfullife#sun#moon#nature#motivation#life#Lifeisbeautiful#lifegoeson#beyou#authenticself

51 views0 comments

Recent Posts

See All